
श्रमण मुनि श्री 108समत्व सागर जीमहाराज
BITS-Pilani · Qualcomm → Digambara Monk · Bhilwara 2015
विज्ञान और अध्यात्म एक ही सत्य के दो पहलू हैं।
व्यक्तिगत जीवन

उपाधियाँ एवं सम्मान
मानद उपाधि

“Awarded in recognition of outstanding contributions, exemplary leadership & remarkable service in the field of Spiritual Studies & Jain Philosophy.”
— Honorary Doctorate Award Foundation
जीवन की यात्रा
जीवन परिचय विस्तार
आपका जन्म 31 मई 1984 को जबलपुर में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा छोटे-छोटे ग्राम में हुई, फिर SATI विदिशा से Electronics and Telecommunication में इंजीनियर की डिग्री ली। तत्पश्चात देश के सर्वोत्तम इंजीनियरिंग कॉलेज में से एक BITS-Pilani से Communication System में M.E. की डिग्री प्राप्त की।
इसके पश्चात आपकी नौकरी मोबाइल की सबसे बड़ी कंपनी Google-acquired Motorola Mobility बैंगलोर में लग गई। कुछ दिनों पश्चात ही वर्क कल्चर में श्रेष्ठतम एवं कम्युनिकेशन की श्रेष्ठतम कंपनियों में से एक Qualcomm हैदराबाद में सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर लगभग 1.5 वर्ष तक कार्यरत रहे। इसी बीच कंपनी के माध्यम से America के California राज्य के San Diego शहर में कुछ महीनों के लिए जाना हुआ।
इंडियन पैकेज लगभग ₹15 लाख वार्षिक के साथ-साथ अमेरिका में कंपनी द्वारा प्राप्त अनेक सुविधाओं के साथ Camero, Mustang जैसी बड़ी-बड़ी गाड़ियाँ, Hollywood (L.A.), Disneyland, Universal Studio, Kayaking, Sky-Diving, Under Water एवं अनेक युवाओं के ड्रीम एडवेंचर के साथ समय व्यतीत होता गया। इन सबके होने पर भी गुरु आशीष एवं माता-पिता के संस्कार के अनुरूप आप अमेरिका में शनिवार-रविवार 200km मंदिर अवश्य जाया करते।
बचपन से ही आप प्रतिदिन मंदिर जाते एवं कभी भी लहसुन-प्याज, रात्रि भोजन नहीं करते थे। यह क्रम BITS-Pilani एवं America में जारी रहा। बैंगलोर में स्वाध्याय का क्रम बने रहने से America की चमक-दमक Luxury Life आपको रास नहीं आई।
जीवन परिचय — वीडियो में
वैराग्य की अनोखी कहानी
अक्सर लोग कहते हैं कि जो लोग सांसारिक जीवन में मग्न हो जाते हैं वो कभी भी मोक्ष मार्ग पर नहीं चल सकते। इसी बात को गलत साबित करने के लिए एक उदाहरण बनकर आए श्रमण मुनि श्री समत्व सागर जी महाराज।
जिन्होंने अपनी Luxury Life, America जैसे देश की चमक-दमक, लाखों का पैकेज, लहरों पर तैरना और स्केटिंग के साथ ही पहाड़ों पर चढ़ने जैसे शौक पूरे किए — बड़ी-बड़ी गाड़ियों को चलाया, Sky-Diving, Under Water और ना जाने कितने अलग-अलग एडवेंचर किए हैं। तस्वीरें देखकर विश्वास नहीं होता कि कैसे कोई इस कठिन मार्ग पर चलने का हौंसला रखता है।
पिता डॉ अभय कुमार जी,
माँ अनीता के आंखों के तारे।
आकांक्षा और अंकुर दो बच्चे प्यारे,
2013 में विदिशा नगरी में पंचकल्याणक आया।
माँ ने मरुदेवी पिता ने नाभिराय और
अंकुर ने बाहुबली का पद अपनाया।
तप कल्याणक का वो दिन प्यारा,
आदिकुमार ने वैराग्य धारा।
पंचमकाल के बाहुबली ने राज त्याग,
कर ब्रह्मचारी व्रत अपनाया।






गृहस्थ जीवन के क्षण
बचपन से ही आप प्रतिदिन मंदिर जाते एवं कभी भी लहसुन-प्याज, रात्रि भोजन नहीं करते थे। बैंगलोर में स्वाध्याय का क्रम बने रहने से America की चमक-दमक Luxury Life आपको रास नहीं आई।







मुनि दीक्षा — भीलवाड़ा, राजस्थान

दीक्षा महोत्सव
29 अगस्त 2015 · भीलवाड़ा, राजस्थान
आपकी लगन, समर्पण और आध्यात्मिक रुचि को देख 29 अगस्त 2015 को भीलवाड़ा, राजस्थान में 6 अन्य ब्रह्मचारी भाइयों के साथ आपकी मुनि दीक्षा आचार्य भगवन विशुद्ध सागर जी महाराज के कर-कमलों एवं हजारों श्रावकों की उपस्थिति में सानंद सम्पन्न हुई।
जिनके आगे यश वैभव सब नतमस्तक हो आते थे,
देश-विदेशी सारे सुख ही सहज प्राप्त हो जाते थे।
जिन के वैरागी मानस को मोह-पाश ना बांध सका,
विलसित जीवन का आडंबर त्याग भाव ना लांघ सका।
वें अंकुर अब विशुद्ध रश्मि में "समत्व-वृक्ष" बन निखर रहे हैं,
जगत पूज्य निर्ग्रन्थ दिगंबर साधु बनकर विचर रहे हैं।
उपसंघ निर्माण एवं चातुर्मास
आपने हमेशा ही गुरु आज्ञा को सर्वप्रथम माना है। चर्या शिरोमणि आचार्य विशुद्ध सागर जी की आज्ञा से प्रथम चातुर्मास 2022 में टीकमगढ़ (म.प्र.) में, 2023 में सहारनपुर (उ.प्र.) में, 2024 में जयपुर (राज.) में, 2025 में शाहगद (म.प्र.) में श्रुत मंथन वर्षायोग के रूप में हुआ। पंचम चातुर्मास 2026 में आगरा (उ.प्र.) में होने जा रहा है।




इस बीच युवाओं के लिए एक विशेष सत्र का प्रारंभ प्रति रविवार "Wonderful Jainism" के नाम से हुआ, जो युवाओं की विचारधारा को तर्क के माध्यम से परिवर्तित करने में सफल रहा। धर्म एवं संस्कार से दूर जाने वाली युवा पीढ़ी इन्हें सुनकर पुनः अपने कुल, धर्म, संस्कृति के गौरव पर बहुमान करने में आगे आई।
चित्र दीर्घा








मुनि श्री द्वारा रचित साहित्य

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